फ़िल्मी कुण्डलियाँ
( शुरुआती प्रयास )
( शुरुआती प्रयास )
फोरेंन में शूटिंग हुई, पूरे ही छः माह,
हीरोइन तिगुनी हुई, मोटी, थुलथुल आह.
एअरपोर्ट पर, देखा,प्यारा,बिकता पिल्ला,
उसे छिपाया, झपट कर, कर ब्लाउज ढिल्ला,
“कस्टम” को कुछ शक हुआ, अफ्सर पहुंचा पास,
उसे देख कर, हिरोइन का दिल, धडका बिंधास,
थोडा धड़का, ज्यादा धड़का, फिर, लगा धौंकने,
और तेज, फिर बहुत तेज़, फिर ,लगा भौंकने.
हीरोइन तिगुनी हुई, मोटी, थुलथुल आह.
एअरपोर्ट पर, देखा,प्यारा,बिकता पिल्ला,
उसे छिपाया, झपट कर, कर ब्लाउज ढिल्ला,
“कस्टम” को कुछ शक हुआ, अफ्सर पहुंचा पास,
उसे देख कर, हिरोइन का दिल, धडका बिंधास,
थोडा धड़का, ज्यादा धड़का, फिर, लगा धौंकने,
और तेज, फिर बहुत तेज़, फिर ,लगा भौंकने.
खम्भे जैसी हो गयी, हिरोइन की जांघ,
फेरे लाखों कर लिए, फिर भी सूनी मांग,
फिर भी सूनी मांग, अजूबा फ़िल्मी देखो,
असली छोड़ पति, नकली की लाइन देखो.
कहैं “ पुराने ”, नित्य नए, पति होते साईन ,
देखो भैय्या, कितनी लम्बी लग गई लाइन ”
... .... पुरुष....०४/०३/१९८४
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