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खम्भे जैसी हो
गयी, हिरोइन की जांघ,
फेरेलाखों कर लिए,
फिर भी सूनी मांग,
फिर भी सूनी मांग,
अजूबा फ़िल्मी देखो,
असली छोड़ पति,
नकली की लाइन देखो.
कहैं “ पुराने ”,
नित्य नए, पति होते साईन ,
देखो भैय्या,
कितनी लम्बी लग गई लाइन ”
... ....
पुरुष....०४/०३/१९८४
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