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Wednesday, 19 November 2014



नेताई दोहे ::-

नौ वर्षों के राज में, रुपिया पहुंचा साठ,
.फिर भी वे समझा रहे, सोला दूनी आठ .

आया डालर,वेधडक, नेताओं का आज,
सही रेट पर भुन रहा, कलाधन सरताज.

नेवले में, और सांप में, बढ़ीहै यारी आज,
बारी - बारी से करें अब दिल्ली में राज.

मीठा मीठा बोलते, लिए बड़ी मुस्कान,
ऐसी मुफ्तकी भेंट से, वोट मिलेंगे,जान.

पुरुषोत्तम बाजपेयी ....१२/०७/२०१३..प्रातः ... ४.३०

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